संपादित:सीमा शर्मा
अनुक्रमणिका
१ परिचय
२मुहावरे
३ उनके अर्थ
४उनके प्रयोग
५ लोकोक्ति
६ उनके अर्थ
७ उनके प्रयोग
जो बात चित्त को प्रसन्न करने वाली न भी हो तो उसे मुहावरे या लोकोक्ति के माध्यम से कहने से भी उद्देश्य की पूर्ति होती है, कटाक्षपूर्ण या व्यंग्यात्मक शैली में भी इनका प्रयोग उचित है।
मुहावरे(मूलतः अरबी परंतु हिंदी में प्रयोग समुचित, वाक्यांश)
उदाहरण :-
१.औंधी खोपड़ी का होना
अर्थ:- मूर्ख होना
प्रयोग:- औंधी खोपड़ी के व्यक्तियों को समझाना समय व्यर्थ करना हैं।
२. अंधे की लकड़ी
अर्थ:- एक मात्र आश्रय
प्रयोग:- प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक उपभोग करने के पश्चात मनुष्य के पास केवल जीर्णोद्धार ही अंधे की लकड़ी प्रमाणित होगी।
३. अपना राग अलापना
अर्थ:- अपनी ही बात कहना
प्रयोग:- आजकल के राजनीतिज्ञ जनता की बात नही सुनते केवल अपनी ही राग अलापते रहते है।
४. अंधे को दीया दिखाना
अर्थ:- व्यर्थ के काम करना
प्रयोग:- आलसी को काम के अनुभव देना अंधे को दिया दिखाना हैं।
५. अंग अंग ढीला होना
अर्थ:-थक जाना
प्रयोग:- जेठ की गर्मी और ऊपर से पानी की कमी ने खेती किसानी करने वालो का अंग अंग ढीला कर दिया हैं।
५. आस्तीन का सांप
अर्थ:- मित्रता के आड़ में छल
प्रयोग:- भ्रष्टाचार करने वाले आधुनिक युग में राष्ट्र के लिए आस्तीन के सांप हैं।
६.उन्नीस बीस का अंतर
अर्थ:- बहुत कम अंतर
प्रयोग:- उन्नीस बीस का अंतर बता कर बहुत से लोग असली सामान के बदले नकली क्रय कर देते है।
७. खाला जी का घर
अर्थ:- आसान काम
प्रयोग:- कानून का सख्ती से पालन आपराधिक मानसिकता के असर को खाला जी का घर बनने से रोकता हैं।
८. घड़ो पानी भर जाना
अर्थ:- अत्यंत लज्जित हो जाना
प्रयोग:- चोरी करते रंगे हाथ पकड़े जाने पर उसे घड़ो पानी भर गए।
९. कलेजे पर सांप लोटना
अर्थ:-ईर्ष्या से दुखी
प्रयोग:- विजेता के घोषित होते ही निश्चय ही कइयों के कलेजे पर सांप लोटने लगेगा।
१०. कोल्हू का बैल
अर्थ:- दिन रात काम करना
प्रयोग:- घड़ी के कांटे कोल्हू के बैल की तरह समयचक्र पूरा करते रहते है।
११.चोली दामन का साथ
अर्थ:- दृढ़ संबद्धता
प्रयोग:- अंधेरे और रात का चोली दामन का साथ है।
१२. नौ दो ग्यारह होना
अर्थ :- भागना
प्रयोग:-हेडमास्टर की कड़क स्वर से शोर करते बच्चे नौ दो ग्यारह हो गए।
१३. बहती गंगा में हाथ धोना
अर्थ:- मौके का लाभ
प्रयोग:- सामयिक प्रसंग में उपस्थिति दिखा कर प्रबुद्धजन बहती गंगा में हाथ धो लेते है।
१४.राई का पर्वत बनाना
अर्थ:- छोटी सी बात को बढ़ा कर कहना
प्रयोग:- बातूनी लोग राई का पर्वत बनाने में माहिर होते है।
१५.घी के दिये जलाना
अर्थ:- खुशी मनाना
प्रयोग:- गांव में पहली बार चिकित्सालय के खुलने पर ग्रामीणों ने घी के दिये जलाये।
१६. दौड़ धूप करना
अर्थ:- बहुत प्रयत्न करना
प्रयोग:- धुन होकर जीवन भर दौड़ धूप करने के बाद आज अब आराम करने की बारी आई है।
१७. भीगी बिल्ली बनना
अर्थ:- भय में आना
प्रयोग:- सच सामने आने पर आरोपी भीगी बिल्ली बन गया।
१८. पत्थर का कलेजा होना
अर्थ:- कठोर हृदय
प्रयोग:- पत्थर का कलेजा कर के कई अभिभावक छात्रों को पैतृक स्थान से उच्च अध्धयन करने विदेश भेजते है।
१९. दांत खट्टे करना
अर्थ:- बुरी तरह से परास्त करना
प्रयोग:- एक छोटी चींटी भी हाथी के सूंड में घुस कर हाथी के दांत खट्टे कर सकती है।
२०. इति श्री करना
अर्थ:- सम्पति
प्रयोग:- पाठ्यक्रम पूरा होते ही शिक्षक महोदय ने छात्रों को पढ़ाने से इति श्री कर ली।
◆◆◆लोकोक्ति◆◆◆
यह पूर्ण वाक्य कहलाते है, उक्तियां जो जन प्रसिद्ध है। यह स्वतंत्र वाक्य है।
उदाहरण:-
१. आंखों का अंधा नाम नयन सुख
अर्थ:- नाम के प्रतिकूल
प्रयोग:- हमारे कॉलोनी के एक व्यक्ति का नाम यो तो सखाराम है पर है पर उसके किसी से बनती नहीं, ठीक ही है आँखों का अंधा नाम नयनसुख।
२. चोर-चोर मौसरे भाई
अर्थ:- दो लोगो मे एक समान अवगुण होना
प्रयोग:- अधिवक्ता ने पकड़े गए दोनो आरोपियों को अपराधी प्रमाणित करने के लिए उन दोनों को चोर-चोर मौसेरे भाई की संज्ञा दी।
३. अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत
अर्थ:- सही समय मे कार्य ना करना और नुकसान के ऊपर बाद में पछताना
प्रयोग:- सही समय मे समस्या का समाधान ना करना आज हेडमास्टर को भारी पड़ा तब प्रधानाध्यापक ने कहा अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गयी खेत।
४.उल्टे बांस बरेली को
अर्थ:- अपरंपरागत कार्य
प्रयोग:- पहले ही गिरती स्थिति में स्थानीय वस्तुओ को बढ़ावा न देते हुवे विदेशी वस्तुओ के संचार, उल्टे बांस बरेली को चरितार्थ करती है।
५. दिया तले अंधेरा
अर्थ:- किसी ऐसी वस्तु जिस के पास अन्य चीज़ों की जानकारी है परंतु वह स्वयं के स्थिति के साथ अनभिज्ञ है
प्रयोग:- मास्टरजी के पुत्र के उन्ही के विषय के परीक्षा में असफल रहने पर मास्टरजी ने कहा उन्होंने दिया तले अंधेरा को चरितार्थ कर दिया।
६. ना नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी
अर्थ:- काम ना करने का बहाना
प्रयोग:- एन समय में कामगार ने कुछ अपरिहार्य शर्त रख दिये तो ठेकेदार ने कहा ये तो ऐसा है ना नौ मन तेल होगा ना राधा नाचेगी।
७.हाथ सुमिरनी बगल कतरनी
अर्थ:- छलपूर्ण व्यवहार करना
प्रयोग:- साथ सफर करने के बहाने से भेष बनाये डाकू ने लूटने की योजना जाहिर कर लोगो को लूट लिया। सही ही है हाथ सुमिरनी बगल कतरनी।
८.हंसा थे सो उड़ गए, कागा भये दीवान
अर्थ:- किसी अच्छे व्यक्ति के स्थान पर दुर्जन को अधिकार मिलना
प्रयोग:- लाभप्रद पदों पर अशिक्षितों की नियुक्ति और शिक्षितो का बेकार रहना, हंस थे सो उड़ गए, कागा भये दीवान को चरितार्थ करती है।
९.सावन के अंधे को हरा ही हरा सूझता है
अर्थ:- कोई कमी ना होने पर बाकी सभी को भी उसी स्तर का समझना
प्रयोग:- मंदी काल में कई के पास सामान्य खर्चे चलाने के लिए धन नहीं है और तरह तरह के महंगे विज्ञापन देख कर के मन से निकलता है सावन के अंधे को हरा ही हरा दिखता हैं।
१०. हर्रा लगे न फ़िटकरी रंग चोखा आये
अर्थ:- मुफ्त में काम होना
प्रयोग:- कामगारों को एक काम के लिए बुला के सेठ जी अपने अधिकाधिक काम करा लेते है यह देख के मुनीमजी ने कहा हर्रा लगे ना फ़िटकरी रंग चोखा आये।
११. आधी छोड़ पूरी को धावै, आधी रहे न पूरी पावै
अर्थ:- लालच के कारण हाथ आयी वस्तु गवाना
प्रयोग:- शेर ने पहले खरगोश को पकड़ा फिर दूर से हिरण को देख कर खरगोश को छोड़ दिया, हिरण पहले ही सतर्क हो कर कुलांचे भरता चला गया और खरगोश चपलता से वहां
छुप गया। ठीक ही है ,आधी छोड़ पूरी को धावै, आधी रहे न पूरी पावै।
१२.कोउ नृप होइ हमे का हानि
अर्थ:- ऊंचे पद पर कोई भी आसीन हो
प्रयोग:- राजनीतिज्ञों से अविश्वास के कारण अब तो आम जनता कहने लगी है कोउ नृप होइ हमे का हानि।
१३.आम के आम गुठलियों के दाम
अर्थ:- दोहरा लाभ
प्रयोग:- गाय पालन करने से दूध समेत गोधन भी सुलभ होता है, इसे कहते है आम के आम गुठलियों के दाम।
१५. एक तो करेला दूजे नीम चढ़ा
अर्थ:- एक बुराई के पैरोकार होने के बाद कोई और बुराई का काम करने लगना
प्रयोग:- छात्र जीवन में पढ़ाई से जी चुराना तो सामान्य बात है पर साथ ही साथ गलत संगत होना एक तो करेला दूजे नीम चढ़ना जैसा हैं।
१६. ओखली में सिर दिया तो मूसल से क्या डर।
अर्थ:- कठिन काम आरम्भ करके बाधाओं से डर क्या।
प्रयोग:- एक बार पढ़ाई के लिए कमर कस लिए तो कठिन प्रश्नों से क्या घबराना, आखिर ओखली में सिर दिया तो मूसल से क्या डर।
१७.जिसकी लाठी उसकी भैंस
अर्थ:- बलवान का अधिकार स्थापित करना आसान होता है
प्रयोग:- बलप्रयोग से नेताजी ने अपने छोटे भाई को स्थानीय पद दिलवा दिया और कहा 'जिसकी लाठी उसकी भैंस'
१८.कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा
अर्थ:-इधर उधर की सामान इकट्ठे करके नया सामान बनाना
प्रयोग:- प्रोफेसर सब के शोध का विश्लेषण कर रहे थे तभी उन्हें लगा कि एक शोधार्थी ने बस कहीं कहीं से तथ्य इकट्ठे कर के बिन समझे लिख दिया है,उन्होंने उससे कहा "अरे ये क्या लिखा है यह तो ऐसा लग रहा है कहीं की ईंट कहीं का रोड़ा भानुमति ने कुनबा जोड़ा"
१९ खोदा पहाड़ निकला चूहा
अर्थ:-बहुत कोशिश के बाद कम लाभ
प्रयोग:- काफी दूरी चल करके यात्री एक जगह बस के लिए गए तब पता चला कि उनकी बस पहले ही छूट गयी है और दूसरे बस में भीड़ अधिक होने पर खड़े होकर जाना पड़ा। यह तो ऐसी बात हो गयी खोदा पहाड़ निकला चूहा।
२०.कहे से कुम्हार गधे पर नही चढ़ता
अर्थ:- नियमित काम करने वाले कभी मनौवल से भी नहीं
मानते
प्रयोग:- वैसे तो मेरा छोटा भाई चित्रकला में अभ्यस्त है पर मेहमानों के सामने उसने अपनी कला में प्रदर्शन से मना कर दिया, ठीक ही है कहे से कुम्हार गधे पर नहीं चढ़ता।
■◆●■◆●■◆●■◆●■◆●■◆●■◆●■◆●■
देखे यह भी
Facebook Link:- Seema Sharma As Blogger



कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें